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झारखंड: रांची _ हाईकोर्ट ने चिटफंड घोटाले पर CBI और राज्य सरकार से मांगा जवाब, कॉर्पस फंड बनाकर पीड़ितों को राहत देने का सुझाव

चिटफंड घोटाले में झारखंड हाईकोर्ट सख्त

📰 वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
राँची | चिटफंड घोटाला मामला

राँची। झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को राज्य के चिटफंड घोटाले से जुड़े एक अहम मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आनंद सेन की खंडपीठ ने सीबीआई और राज्य सरकार पर सख्त रुख अपनाते हुए पूछा कि अब तक कितनी चिटफंड कंपनियों की संपत्तियां अटैच की गई हैं और भुक्तभोगियों को पैसे वापसी का क्या रास्ता अपनाया जा रहा है।

राज्य सरकार की ओर से दायर शपथ पत्र में बताया गया कि वर्ष 2011 में चिटफंड प्रभावित निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए एक विशेष अधिनियम बनाया गया है। इसके अंतर्गत एक प्राधिकरण का गठन किया गया है, जहाँ पीड़ित आवेदन देकर अपनी शिकायतों का निवारण पा सकते हैं।

हालांकि कोर्ट इस उत्तर से संतुष्ट नहीं हुई। खंडपीठ ने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति की शिकायत नहीं है, बल्कि सैकड़ों निवेशकों की मेहनत की कमाई डूबी हुई है। कोर्ट ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए सुझाव दिया कि झारखंड सरकार को भी एक विशेष कमीशन बनाकर कॉर्पस फंड की स्थापना करनी चाहिए, जिससे प्रभावितों को राहत दी जा सके। अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस फंड के लिए आवश्यक धनराशि सरकार को ही उपलब्ध करानी होगी।

अदालत ने सरकार से यह बताने को कहा है कि क्या इस दिशा में कोई कमेटी गठित की गई है या नहीं। यदि 11 जुलाई तक कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई, तो कोर्ट कड़ा आदेश पारित करेगा।

📌 मुख्य बातें:
▪️ झारखंड हाईकोर्ट में चिटफंड घोटाले से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई।
▪️ कोर्ट ने CBI से पूछा – अब तक कितनी संपत्ति की अटैचमेंट हुई?
▪️ पीड़ितों को पैसा कैसे मिलेगा, इसका ठोस समाधान माँगा गया।
▪️ CBI को 11 जुलाई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश।
▪️ राज्य सरकार ने बताया – 2011 में अधिनियम बनाकर अथॉरिटी गठित की गई है, जिसके पास आवेदन देकर समाधान पाया जा सकता है।
▪️ लेकिन मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने इस पर असंतोष जताया।
▪️ कोर्ट ने कहा – यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, सैकड़ों निवेशकों के पैसे डूबे हैं।
▪️ अदालत ने सुझाया – ओडिशा और पश्चिम बंगाल की तरह सरकार कॉर्पस फंड बनाकर राहत दे।
▪️ कोर्ट ने पूछा – क्या सरकार कमेटी बना रही है या नहीं?
▪️ चेतावनी – यदि नहीं बताया गया तो कोर्ट कड़ा आदेश पारित करेगा।
▪️ इस मामले में जनहित याचिकाएं नन बैंकिंग अभिरक्षा निवेशक सुरक्षा समिति, जावेद अख्तर, अब्दुल हमीद समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दायर की हैं।

📅 अगली सुनवाई की तारीख: 11 जुलाई 2025
📍 स्थान: झारखंड हाईकोर्ट, राँची
🎙️ रिपोर्टर: वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ ब्यूरो, राँची

Jitendra Maurya

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